मगरा क्षेत्र विकास योजना

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राजस्थान का दक्षिणी-मध्य भाग, जो कि पहाड़ी क्षेत्र से घिरा हुआ है, विशेषत: ब्यावर, भीलवाड़ा, पाली, चित्तौड़गढ़, एवं राजसमन्द, जो जनजाति क्षेत्रीय विकास के अन्तर्गत नहीं आता है, स्थानीय रूप से 'मगरा' के नाम से जाना जाता है| इस क्षेत्र में विकास के संसाधन यथा- भूमि, पानी एवं पशुधन कम हैं तथा यहाँ के निवासियों का भारी मौसमी पलायन होता है | यहाँ के निवासियों के आर्थिक एवं सामाजिक स्तर में सुधार हेतु मगरा क्षेत्र विकास योजना वर्ष 2005-06 में शुरु की गई | वर्तमान में यह ब्यावर, भीलवाड़ा, पाली, चित्तौड़गढ़, एवं राजसमन्द जिलों के 4,746 गांवों में क्रियान्वित की जा रहा है | इस क्षेत्र के विकास के लिए जलग्रहण विकास, लघु सिंचाई, पशुपालन, पेयजल, शिक्षा, विद्युती करण, स्वास्थ्य एवं सड़क निर्माण की गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है | वर्ष 2025-26 के लिए योजना का बजट प्रावधान 100 करोड़ है |