श्री अन्‍नापूर्णा रसोई योजना (ग्रामीण)

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श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (ग्रामीण) 6 जनवरी, 2024 से प्रदेश के ग्रामीण कस्बों में प्रारम्भ की गई है | योजना के माध्यम से स्थानीय रूचि के अनुसार पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है | श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (ग्रामीण) राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदेश के समस्त चिन्हित ग्रामीण कस्बों में संचालित की जा रही है | श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना के अन्तर्गत 796 रसोईयों के माध्यम से दोपहर एवं रात्रि भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण कस्बों में प्रत्येक रसोई में प्रतिदिन अधिकतम 400 दोपहर के भोजन एवं अधिकतम 400 रात्रि भोजन उपलब्ध कराने का प्रावधान है | लाभार्थी से प्रति थाली ₹8 लिए जा रहे हैं तथा प्रति थाली 322 राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जा रहा है | प्रत्येक लाभार्थी को 600 ग्राम भोजन (300 ग्राम चपाती, 00 ग्राम दाल, 00 ग्राम सब्जियाँ, 00 ग्राम चावल / बाजरा खिचड़ी और अचार) की थाली परोसी जा रही है | वित्तीय वर्ष 2025-26 में (माह दिसम्बर तक) ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 796 रसोई के माध्यम से 4.84 करोड़ से अधिक भोजन थाली परोसी जा चुकी है |

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